महेश गुप्ता, नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शादी से पहले लड़का और लड़की बिल्कुल अजनबी होते हैं, इसलिए शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने में उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।
शादी करने का झूठा वायदा करके शारीरिक संबंध बनाने की वजह से रेप की शिकायतों में तेज़ी से इज़ाफ़ा हो रहा है। इस समस्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शादी से पहले शारीरिक संबंध के बारे में नौजवानों को सावधान किया।
शादी के झूठे वादे पर रेप के आरोप के मामले में आरोपी युवक की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी वी नागरत्ना और उज्जल भुइयां ने सवाल उठाए कि जिस महिला की बात हो रही है, वह आरोपी युवक के साथ दुबई जाने के लिए कैसे मान गई, जहां दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सहमति से होता है। हम पुराने जमाने के हो सकते हैं, लेकिन शादी से पहले लड़का और लड़की, आपस में बिल्कुल अजनबी होते हैं। उन्हें शादी से पहले फिजिकल रिलेशनशिप बनाने में सावधानी बरतनी चाहिए।
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उनके रिश्ते में चाहे जो भी अच्छा-बुरा हो, हम यह नहीं समझ पाते कि वे शादी से पहले फिजिकल रिलेशनशिप कैसे बना सकते हैं… आपको बहुत सावधान रहना चाहिए; शादी से पहले किसी पर भी विश्वास नहीं करना चाहिए।’ इस मामले में शिकायतकर्ता लड़की ने कहा था कि वह आरोपी युवक के कहने पर दुबई गई थी, जिसने शादी का झांसा देकर उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाए, और बाद में किसी और से शादी कर ली।
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि इस तरह के मामले ट्रायल और सजा के लिए सही नहीं हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों से सेटलमेंट की संभावना तलाशने को कहा और उनके विचार जानने के लिए मामले की सुनवाई बुधवार तक टाल दी। उन्होंने कहा, ‘अगर शिकायतकर्ता लड़की इस बारे में इतनी सख्त थी तो उसे शादी से पहले नहीं जाना चाहिए था। ये ऐसे मामले नहीं हैं जिनमें कोर्ट में ट्रायल किया जाए और सजा दी जाए , जबकि सहमति से रिश्ता हो।









