राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और खुद को ‘सच्ची लालूवादी’ बताने वाली रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी नेतृत्व और उसके आसपास सक्रिय लोगों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव की सामाजिक न्याय की विरासत को साजिशकर्ताओं के हवाले कर दिया गया है, जो विरोधी ताकतों के इशारे पर पार्टी को भीतर से कमजोर कर रहे हैं।
पटना में होने वाली आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले रोहिणी का यह बयान राजनीतिक हलकों में हलचल मचा रहा है। उनका कहना है कि पार्टी जिस रास्ते पर आज खड़ी है, वह लालूवाद की मूल भावना से बिल्कुल उलट है।
‘असली लालूवादी बनाम घुसपैठिए’ की लड़ाई
रोहिणी आचार्य ने कहा कि जो लोग हाशिए पर खड़े समाज, वंचितों और कमजोर तबकों के लिए ईमानदारी से संघर्ष करते रहे हैं, वे आज पार्टी की मौजूदा हालत देखकर खामोश नहीं रह सकते। उनके अनुसार, पार्टी की बागडोर इस समय ऐसे लोगों के हाथ में है, जिन्हें लालूवाद को खत्म करने के मिशन के तहत भीतर बैठाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के हक-हकूक की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी की असली कमान अब उन तत्वों के पास है, जो फासीवादी ताकतों के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और अपने मंसूबों में काफी हद तक सफल भी होते दिख रहे हैं।
नेतृत्व की कार्यशैली पर सीधे सवाल
रोहिणी ने मौजूदा नेतृत्व की कार्यशैली पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे लोग सवालों से भागते हैं, तार्किक और तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय भ्रम फैलाते हैं। इतना ही नहीं, लालूवाद और पार्टी के हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।
उनका साफ कहना है कि यदि नेतृत्व इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे रहता है, तो यह अपने-आप इस बात का संकेत होगा कि वह साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत में शामिल है।
आरजेडी के लिए बढ़ती चुनौती
रोहिणी आचार्य के इस खुले हमले ने आरजेडी के भीतर चल रहे वैचारिक संघर्ष को और उजागर कर दिया है। पार्टी के अंदर विरासत, विचारधारा और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल अब सार्वजनिक बहस का रूप लेते नजर आ रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।









