नीतीश कुमार आज (सोमवार) 7वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शाम 4.30 बजे राज्यपाल फागू चौहान इन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। वहीं उपमुख्यमंत्री के तौर पर तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी शपथ लेंगी।रविवार को हुए सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए की बैठक में यह फैसला लिया गया। एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में दोनों को भाजपा विधानमंडल दल के नेता व उपनेता के तौर पर चुना गया। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नेता चुने जाने का एलान किया।
नीतीश ने कहा- मुख्यमंत्री बनने की मेरी इच्छा नहीं थी-
हालांकि मंत्रिमंडल को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हुई है। पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar)) के आवास पर यह बैठक हुई जहां नीतीश कुमार ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में कहा कि मुख्यमंत्री बनने की मेरी इच्छा नहीं थी। हम चाहते थे कि भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बने। लेकिन भाजपा नेताओं और घटक दलों के आग्रह पर वे राजी हुए हैं।
बिहार में नई सरकार के सपने-
नीतीश कुमार ने रविवार को मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री बनना बहुत बड़ी जवाबदेही है। हमें मिलकर काम करना है। 15 साल में हमलोगों ने बहुत काम किए हैं। देखेंगे कि कहां क्या कमी रह गई है। कोशिश करेंगे कि 5 साल में तेज गति से काम करके उन्हें पूरा करें। सबको अच्छे ढंग से काम करना होगा ताकि बिहार के लोगों ने हमें जो अवसर दिया है, उसे पूरा कर सकें। बिहार का और विकास हो सके।
गांघी मैदान नहीं, राजभवन में लेंगे शपथ-
इस बार बिहार में नये मुख्यमंत्री का शपथ समारोह थोड़ा अलग होगा। पिछले 30 साल पर नजर डालें तो हर फुल टर्म वाली सरकार के मुखिया ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शपथ लिया है। लेकिन इस बार नीतीश कुमार गांधी मैदान नहीं बल्कि, राजभवन में शपथ लेंगे। दरअसल यह फैसला कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर लिया गया है।







