Navratri 2021: आज, 7 अक्टूबर से आदि शक्ति मां दुर्गा के पूजन की शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो रही है। हिंदू धर्म में सभी देवी- देवताओं की तस्वीर में उनके वाहन को भी खास स्थान दिया जाता है। पौराणिक ग्रंथों में हर देवी-देवता और उनके वाहन की कथाएं प्रचलित है। मां दुर्गा तेज, शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक हैं। उनकी सवारी शेर हैं।
इस वजह से मां का वाहन हुआ सिंह
पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठिन तप किया था। एक बार वो तप में लीन थीं और एक भूखे शेर की नजर उनपर पड़ी। भूखा शेर माता पार्वती को अपना भोजन बनाना चाहता था। लेकिन उन्हें तपस्या में देखकर वो शेर वहीं भूखा – प्यासा इंतजार करने लगा। शेर कई वर्षों तक माता के तप को खत्म होने की प्रतिक्षा करता रहा।
मां पार्वती की तपस्या पूरी होने के बाद जब उनकी नजर भूखे- प्यासे शेर पर पड़ी तो वो शेर की तपस्या से प्रसन्न हो गई और उसे वरदान स्वरूप अपना वाहन बना लिया और तब से मां पार्वती का वाहन शेर बन गया।
दूसरी कथा के अनुसार
स्कंद पुराण के अनुसार, भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने देवासुर संग्राम में दानव तारक और उसके दो भाई सिंहमुखम और सुरापदनम को जब परास्त किया तो सिंहमुखम ने कार्तिकेय से माफी मांगी। प्रसन्न होकर कार्तिकेय ने उसे शेर बना दिया और मां दुर्गा का वाहन बनने का आशीर्वाद दिया।









