Sweta Ranjan, New Delhi
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आने हैं, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर राज्य की राजनीति में गहमागहमी अभी से चरम पर है। सत्ता के लिए संघर्ष न केवल महायुति (भाजपा-शिवसेना शिंदे-एनसीपी अजित) और महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस-एनसीपी शरद-शिवसेना उद्धव) के बीच है, बल्कि इन गठबंधनों के भीतर भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में जबरदस्त रस्साकशी चल रही है।
महाविकास अघाड़ी में मुख्यमंत्री पद को लेकर टकराव
महाविकास अघाड़ी की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने दावा किया है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की अगुवाई में सरकार बनेगी। उनके इस बयान पर शिवसेना उद्धव के नेता संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री पद का फैसला नतीजों के बाद महाविकास अघाड़ी के नेता मिलकर करेंगे।
हालांकि, शिवसेना उद्धव के प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद इस पद के बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। वे पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं और कई बार सार्वजनिक मंचों से अपनी इस महत्वाकांक्षा को जाहिर कर चुके हैं। राउत ने कांग्रेस हाईकमान को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर नाना पटोले को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया है, तो इसे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को सार्वजनिक रूप से घोषित करना चाहिए।
महायुति में भी खींचतान जारी
महायुति में मुख्यमंत्री पद को लेकर संघर्ष कुछ कम नहीं है। एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस, और अजित पवार जैसे बड़े नाम सामने आ रहे हैं। शिवसेना शिंदे गुट के नेता और प्रवक्ता संजय शिरसाट ने दावा किया है कि यह चुनाव एकनाथ शिंदे के चेहरे पर लड़ा गया है, इसलिए मुख्यमंत्री पद का हक उनका बनता है।
हालांकि, भाजपा के नेता देवेंद्र फडणवीस के समर्थक उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि अगर महायुति की सरकार बनती है, तो मुख्यमंत्री के पद पर देवेंद्र फडणवीस से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता।
इस बीच, एनसीपी अजित गुट के नेता अमोल मिटकरी ने मुख्यमंत्री पद के लिए अजित पवार का नाम आगे बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा है कि एनसीपी के बिना सरकार बनाना संभव नहीं है, और उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अपनी भूमिका सुनिश्चित करेगी।
नतीजों के बाद शुरू होगा असली खेल
महायुति और महाविकास अघाड़ी, दोनों ही गठबंधन कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का चेहरा नतीजों के बाद तय होगा। लेकिन यह तय है कि सरकार गठन के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर जबरदस्त घमासान देखने को मिलेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गठबंधनों में सीटों के हिसाब से मुख्यमंत्री पद के लिए खींचतान और ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो सकता है।
नतीजे का इंतजार, लेकिन सस्पेंस बरकरार
महाराष्ट्र के इस चुनाव में जनता ने फैसला तो सुना दिया है, लेकिन इसे आधिकारिक रूप से 23 नवंबर को घोषित किया जाएगा। इस बार का चुनाव न केवल गठबंधन के बीच, बल्कि गठबंधन के भीतर की राजनीति के लिए भी अहम साबित होने वाला है।









