ब्यूरो रिपोर्ट, नई दिल्ली
दुनिया भर में रोजगार संकट तेजी से गहराता जा रहा है। एक ओर जहां अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान आर्थिक दबाव में अपने न्यूज़रूम समेट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के नाम पर वैश्विक टेक कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं।
वॉशिंगटन पोस्ट ने घटाया वैश्विक दायरा
अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बड़ी कटौती की है। पश्चिम एशिया की पूरी रिपोर्टिंग टीम को बंद कर दिया गया है, जबकि दिल्ली, बीजिंग, कीव, लैटिन अमेरिका और बर्लिन जैसे अहम ब्यूरो या तो बंद किए गए हैं या फिर बेहद सीमित दायरे में काम कर रहे हैं। यरुशलम ब्यूरो के प्रमुख गेरी शिह ने सोशल मीडिया पर कहा कि वर्षों की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद यह फैसला पीड़ादायक है, लेकिन उन्होंने इसे सच्ची पत्रकारिता का अध्याय बताया।
टेक कंपनियों में छंटनी की लहर
सेमीकंडक्टर दिग्गज इंटेल ने वित्तीय दबाव और रणनीतिक बदलाव के चलते करीब 24 हजार कर्मचारियों की छंटनी की। भारत की आईटी कंपनी टीसीएस ने लगभग 20 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया, जिसे कंपनी ने एआई आधारित डिलीवरी और स्किल रियलाइन्मेंट से जोड़ा। वहीं वेरिजोन ने लागत घटाने के उद्देश्य से 15 हजार पद खत्म किए।
कंसल्टिंग और सॉफ्टवेयर सेक्टर भी प्रभावित
ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी एक्सेंचर ने करीब 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी की। जर्मनी की सॉफ्टवेयर कंपनी SAP ने 10 हजार नौकरियों में कटौती का ऐलान किया। माइक्रोसॉफ्ट ने Azure और गेमिंग यूनिट में लगभग 9 हजार पद घटाए, जबकि सिस्को और तोशिबा ने भी हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हटाया।
अमेजन और ओरेकल के फैसले ने बढ़ाई चिंता
ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने चार महीनों के भीतर करीब 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी की है। उधर, रिपोर्ट्स के अनुसार ओरेकल एआई डेटा सेंटर्स के लिए पूंजी जुटाने के दबाव में 20 से 30 हजार नौकरियों में कटौती कर सकती है।
एआई खतरा या भविष्य?
विश्व आर्थिक मंच के मुताबिक, करीब 41% कंपनियां मानती हैं कि आने वाले वर्षों में एआई की वजह से कर्मचारियों की संख्या घटेगी। हालांकि, इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एआई, फिनटेक और डेटा से जुड़े नए रोजगार अवसर तेजी से बढ़ेंगे।









