बॉक्स ऑफिस से ओटीटी तक ‘धुरंधर’ का दबदबा
रणवीर सिंह की फिल्म Dhurandhar ने रिलीज के बाद से ही ग्लोबल लेवल पर धमाकेदार प्रदर्शन किया है। दुनिया भर में 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी यह फिल्म अब अपने दूसरे पार्ट की रिलीज से पहले भी चर्चा में बनी हुई है।
फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर आने के बाद इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई। खासतौर पर पाकिस्तान में, जहां फिल्म पर आधिकारिक बैन है, वहां भी यह ट्रेंडिंग चार्ट में टॉप पर बनी हुई है।
बैन के बाद भी क्यों बढ़ा क्रेज?
‘धुरंधर’ की कहानी आतंकवाद, पाकिस्तान के अंदरूनी संघर्ष और कराची के ल्यारी इलाके की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जाती है। फिल्म की संवेदनशील थीम के चलते पाकिस्तान और कुछ गल्फ देशों में इसे रिलीज की अनुमति नहीं मिली।
लेकिन डिजिटल दौर में बैन का असर सीमित नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी यूजर्स फिल्म के गानों और डायलॉग्स पर रील्स बनाते दिखे हैं, जिससे साफ है कि फिल्म वहां भी बड़े पैमाने पर देखी जा रही है।
50 रुपये में बिक रही पायरेटेड कॉपी
न्यूजीलैंड के यूट्यूबर Karl Rock ने हाल ही में कराची के एक लोकप्रिय बाजार से वीडियो साझा किया। वीडियो में दावा किया गया कि बैन के बावजूद ‘धुरंधर’ समेत कई भारतीय फिल्मों की डीवीडी खुलेआम बेची जा रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की पायरेटेड कॉपी मात्र PKR 50 (लगभग 16 भारतीय रुपये) में उपलब्ध है। वीडियो में दुकानों पर रखी डीवीडी दिखाई गईं, जिससे यह बहस तेज हो गई कि प्रतिबंध के बावजूद फिल्मों की पहुंच को रोक पाना कितना मुश्किल हो गया है।
12 दिनों में 20 लाख से ज्यादा अवैध डाउनलोड?
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म रिलीज के 12 दिनों के भीतर पाकिस्तान में दो मिलियन से अधिक बार गैर-कानूनी डाउनलोड की गई। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय यूजर्स ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। कुछ ने सवाल उठाया कि क्या अब भी डीवीडी मार्केट सक्रिय है, तो कुछ ने पाकिस्तान सरकार की डिजिटल निगरानी पर टिप्पणी की।
पार्ट 2 से और बढ़ेगी हलचल
अब जबकि ‘धुरंधर पार्ट 2’ की रिलीज की तैयारी चल रही है, फिल्म को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्सुकता और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि दूसरे भाग में रणवीर सिंह का किरदार और ज्यादा तीव्र संघर्ष में नजर आएगा।
फिलहाल, ‘धुरंधर’ का यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि कंटेंट की पहुंच सीमाओं से परे है। डिजिटल युग में बैन और बॉर्डर दोनों ही दर्शकों के उत्साह को पूरी तरह रोक नहीं पा रहे हैं।
(नोट: पायरेसी गैरकानूनी है। दर्शकों को फिल्मों का आनंद केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही लेना चाहिए।)









