श्वेता रंजन, नई दिल्ली।
किसी भी कंपनी के लिए कर्मचारियों की विदाई सिर्फ एक प्रोफेशनल फैसला नहीं होती, उससे भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। यही बात एटरल (पूर्व में जोमैटो) के फाउंडर और वाइस चेयरमैन दीपेन्द्र गोयल ने अपने हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक संदेश साझा करते हुए अपने पूर्व कर्मचारियों को दोबारा कंपनी से जुड़ने का न्योता दिया है।
“अतीत से सीखा, भविष्य के लिए दरवाजे खुले”
दीपेन्द्र गोयल ने अपने पोस्ट में लिखा कि कंपनी ने अपने सफर के दौरान कई सबक सीखे हैं और अब वह पहले कभी यहां काम कर चुके लोगों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए तैयार है। उन्होंने उन कर्मचारियों को संबोधित किया, जिन्होंने स्वेच्छा से जोमैटो छोड़ा था या जिनसे किसी दौर में आगे बढ़ने को कहा गया था।
गोयल ने यह भी स्वीकार किया कि उस समय जोमैटो हर किसी के लिए सही जगह साबित नहीं हो सकी। कई कर्मचारियों को न तो वह माहौल मिल पाया होगा और न ही वैसी लीडरशिप, जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
जुड़ाव जो कभी खत्म नहीं हुआ
अपने संदेश में गोयल ने यह भी माना कि इसके बावजूद कई कर्मचारियों का कंपनी के साथ गहरा भावनात्मक रिश्ता बना रहा। उन्होंने लिखा कि जो अपनापन, भरोसा और घर जैसा एहसास लोगों को जोमैटो में मिला, वह अनुभव शायद हर जगह संभव नहीं होता।
संदेश साफ: सफर भले बदला हो, रिश्ता कायम है
दीपेन्द्र गोयल का यह पोस्ट सिर्फ एक रीहायरिंग कॉल नहीं, बल्कि पुराने साथियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव भी दिखाता है। उनके शब्दों से यह स्पष्ट है कि कंपनी छोड़ देने के बाद भी साथ बिताया गया समय और साझा मेहनत अपनी अहमियत कभी नहीं खोती।









