हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माने जाने वाले पर्व Akshaya Tritiya इस वर्ष 19 अप्रैल 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी बिना किसी विशेष गणना के भी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
शुभ मुहूर्त और तिथि
अक्षय तृतीया पूजा का शुभ समय सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा, जिसकी अवधि लगभग 1 घंटा 32 मिनट है। वहीं, रात 8:40 से 10:58 बजे तक वृश्चिक लग्न में अमृत काल का योग भी बन रहा है।
तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे होगी और इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे होगा।
क्या है अक्षय तृतीया का महत्व
‘अक्षय’ का अर्थ होता है—जिसका कभी क्षय न हो। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, तप और पूजा का फल कभी समाप्त नहीं होता। इसी कारण यह दिन बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है।
इस दिन भगवान Vishnu की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही मां Lakshmi की कृपा पाने के लिए भी यह दिन उत्तम माना गया है।
क्या खरीदना शुभ माना जाता है
अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी, आभूषण, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घर-गृहस्थी के उपकरण आदि खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तु में वृद्धि और समृद्धि बनी रहती है।
पूजा विधि
इस दिन सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें और घर के मंदिर में भगवान विष्णु को गंगाजल से शुद्ध कर तुलसी और पीले फूल अर्पित करें।
इसके बाद दीपक और धूप जलाकर विष्णु सहस्त्रनाम या चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें।
जरूरतमंदों को भोजन कराना और दान देना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
दान और पुण्य का महत्व
शास्त्रों के अनुसार इस दिन जौ, गेहूं, चना, दही, चावल, फल और जल का दान करना विशेष फलदायी होता है। पितरों के नाम से श्राद्ध और तर्पण करने की भी परंपरा है। गंगा स्नान का भी विशेष महत्व बताया गया है।
विशेष उपाय
- धन प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी को गुलाबी फूल अर्पित कर मंत्र जाप करें
- सुखी वैवाहिक जीवन के लिए Shiva और मां गौरी की पूजा करें
- शिक्षा के लिए Ganesha का जप और पाठ करें
क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
- भगवान विष्णु की पूजा करें
- दान-पुण्य और जलदान करें
- नए कार्यों की शुरुआत करें
क्या न करें:
- मांस-मदिरा का सेवन न करें
- किसी का अपमान या अनादर न करें
- गंदे कपड़े न पहनें
- असामाजिक या गलत कार्यों से दूर रहें
मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे या बुरे कर्मों का प्रभाव लंबे समय तक रहता है, इसलिए इस दिन विशेष सावधानी और सकारात्मकता बनाए रखना जरूरी है।









