Sweta Ranjan, New Delhi
दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जिसके चलते ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण सोमवार से लागू किया जाएगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने यह निर्णय लिया है, क्योंकि राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अति गंभीर श्रेणी में पहुँच चुका है। ग्रैप-4 का यह चरण आज सुबह आठ बजे से प्रभावी होगा, और इसके तहत दिल्ली में कई गतिविधियों पर पाबंदी लगाई जाएगी।
ट्रकों और भारी वाहनों पर रोक
ग्रैप-4 के लागू होने के बाद दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। केवल आवश्यक वस्तुएं लेकर आने वाले ट्रकों को अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 डीजल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी। सभी हल्के और भारी डीजल माल वाहनों के लिए दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
वहीं, एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) से आने वाले वाहनों के लिए भी पाबंदियाँ लागू की गई हैं। दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक, और बीएस-6 डीजल वाहनों को अनुमति दी जाएगी। अन्य वाणिज्यिक चार पहिया वाहनों को दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी।
ऑफिस और स्कूलों में बदलाव
वायु प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही, एनसीआर में छठी से लेकर बारहवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने की सिफारिश की गई है।
स्कूलों में छुट्टी
दिल्ली सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को बंद करने के साथ-साथ कक्षा 6 से ऊपर तक के स्कूलों को भी बंद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही, ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्र घर पर रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकें।
निर्माण कार्यों और अन्य गतिविधियों पर रोक
ग्रैप-4 के तहत निर्माण और विध्वंस कार्यों पर भी रोक लगाई गई है। दिल्ली में फ्लाईओवर, राजमार्ग, पुल, पाइपलाइन निर्माण जैसी गतिविधियों पर भी पाबंदी रहेगी। यह कदम वायु प्रदूषण को और बढ़ने से रोकने के लिए उठाया गया है।
ऑड-ईवन योजना और डीजल जनरेटर सेट पर पाबंदी
दिल्ली सरकार ऑड-ईवन योजना को लागू कर सकती है, जिसके तहत केवल सम संख्या वाले और विषम संख्या वाले वाहनों को सड़क पर चलने की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा, दिल्ली और एनसीआर में डीजल जनरेटर सेट (DG sets) पर भी पाबंदी लागू कर दी जाएगी।
नौकरी और व्यापार पर असर
ग्रैप-4 के तहत, केंद्र और राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (घर से काम करने) का फैसला ले सकती हैं। वहीं, गैर-आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों को भी बंद करने की सिफारिश की गई है। इससे व्यापार और सेवा क्षेत्र पर असर पड़ सकता है, लेकिन प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए यह कदम जरूरी है।
भारी वाहनों का परिवहन जारी रहेगा
केंद्र और राज्य सरकारों ने यह सुनिश्चित किया है कि आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले वाहनों जैसे कि दूध, डेयरी उत्पाद, और मेडिकल उपकरणों से जुड़े वाहनों को ग्रैप-4 के तहत कोई पाबंदी नहीं होगी। इन वाहनों के लिए रास्ते खुले रहेंगे, ताकि जरूरी सामान की आपूर्ति बनी रहे।
वायु गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता
दिल्ली में इस समय वायु प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 से ऊपर रहेगा, जो अति गंभीर माना जाता है। इस स्थिति में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और उसकी गंभीरता को देखते हुए, ग्रैप-4 के तहत कई कड़े कदम उठाए गए हैं। हालांकि, इन उपायों से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, लेकिन नागरिकों को भी प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहयोग करना होगा। हम सभी का दायित्व है कि हम अपने जीवनशैली में बदलाव लाकर वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में योगदान दें।









